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Tuesday, March 24, 2020

Concept of Hardware and Software

सॉफ्टवेयर क्‍या होता है




सॉफ्टवेयर Computer का वह Part होता है जिसको हम केवल देख सकते हैं और उस पर कार्य कर सकते हैं, Software का निर्माण Computer पर कार्य करने को Simple बनाने के लिये किया जाता है, आजकल काम के हिसाब से Software का निर्माण किया जाता है, जैसा काम वैसा Software । Software को बडी बडी कंपनियों में यूजर की जरूरत को ध्‍यान में रखकर Software programmers द्वारा तैयार कराती हैं, इसमें से कुछ free में उपलब्‍ध होते है तथा कुछ के लिये चार्ज देना पडता है। जैसे आपको फोटो से सम्‍बन्धित कार्य करना हो तो उसके लिये फोटोशॉप या कोई वीडियो देखना हो तो उसके लिये मीडिया प्‍लेयर का यूज करते है।

सॉफ्टवेयर Computer का वह Part होता है जिसको हम केवल देख सकते हैं और उस पर कार्य कर सकते हैं, Software का निर्माण Computer पर कार्य करने को Simple बनाने के लिये किया जाता है, आजकल काम के हिसाब से Software का निर्माण किया जाता है, जैसा काम वैसा Software कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं तो आईये जानते हैं सॉफ्टवेयर के प्रकार - Types of Software or Computer

सॉफ्टवेयर के प्रकार - Types of Computer Software

सॉफ्टवेयर के प्रकार - Types of Software or Computer 

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं।
सिस्‍टम सॉफ्टवेयर (system software)
एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software)
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software)

सिस्‍टम सॉफ्टवेयर (system software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो आपके कंप्‍यूटर के हार्डवेयर को Manage और Control करते हैं और इन्‍हीं की वजह से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) कंप्‍यूटर में चल पाते हैं या आप उस पर काम कर पाते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) का सबसे सरल उदाहरण के आपका ऑपरेटिंग सिस्‍टम यानी आपकी विंडोज जो भी आप इस्‍तेमाल कर रहे होगें, संक्षेप में सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का एक समूह है, सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) के और भी कई उदाहरण हैं -

ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating System)
असेम्‍बलर (Assambler)
कम्‍पाइलर (Compiler)
इंटरप्रेटर (Interpreter)

एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software)

एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software) ऐसे प्रोग्रामों को कहा जाता है, जो हमारे कंप्यूटर पर आधारित मुख्य कामों को करने के लिए लिखे जाते हैं । आवश्यकतानुसार भिन्न-भिन्न उपयोगों के लिए भिन्न-भिन्न सॉफ्टवेयर होते हैं Software को बडी बडी कंपनियों में यूजर की जरूरत को ध्‍यान में रखकर Software programmers द्वारा तैयार कराती हैं, इसमें से कुछ free में उपलब्‍ध होते है तथा कुछ के लिये चार्ज देना पडता है। जैसे आपको फोटो से सम्‍बन्धित कार्य करना हो तो उसके लिये फोटोशॉप या कोई वीडियो देखना हो तो उसके लिये मीडिया प्‍लेयर का यूज करते है।  एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software) के कई उदाहरण हैं -

फ़ोटोशॉप
पेजमेकर
पावर पाइंट
एम एस वर्ड
एस एस एक्‍सेल


यूटीलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) का काम कंप्‍यूटर के ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating System) की सर्विस/ रिपेयर करने का काम होता है साथ में यह ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating System) केे माध्‍‍यम से यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) कुछ हार्डवेयर की सर्विस करने का काम भी करते हैं जिससे उनकी कार्यक्षमता और गति को बढाया जा सके, इसमें से बहुत कुछ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) ऑपरेंटिंग सिस्‍टम के साथ आते है और कुछ को अलग से लेना पडता है

एंटीवायरस
डिस्क डिफ्रेगमेंटर




कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं। सिस्‍टम सॉफ्टवेयर (system software) एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software) और यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) तो इस पोस्‍ट में हम जानेगें सिस्‍टम

सॉफ्टवेयर (system software) क्‍या होते हैं -
सिस्‍टम सॉफ्टवेयर क्‍या होते हैं - What is System Software

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो आपके कंप्‍यूटर के हार्डवेयर को Manage और Control करते हैं और इन्‍हीं की वजह से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) कंप्‍यूटर में चल पाते हैं या आप उस पर काम कर पाते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) का सबसे सरल उदाहरण के आपका ऑपरेटिंग सिस्‍टम यानी आपकी विंडोज जो भी आप इस्‍तेमाल कर रहे होगें

यह ऐसा सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) है जो आपके पूरे कंप्‍यूटर को मैनेज करने का काम करता है आपको वो सारी सुविधायें उपलब्‍ध कराता है, जिससे आप सुचारू रूप से अपने कंप्‍यूटर को चला पायें, संक्षेप में सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का एक समूह है, सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) के और भी कई उदाहरण हैं -


ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating System)

ऑपरेटिंग सिस्‍टम ही वह जरिया है जिसकी सहायता से हम अपनी बात कंप्‍यूटर हार्डवेयर तक पहुॅचा पाते हैं या हार्डवेयर को कमांड दे पाते हैं। ऑपरेटिंग सिस्‍टम हार्डवेयर और हमारे यानि यूजर्स के बीच एक पुल का काम करता है।

असेम्‍बलर (Assambler)

जो भाषा अनुवादक ( Language Translator ) असेम्बली भाषा (Assembly Language) को मशीनी भाषा ( Machine language ) मेंं Translate करतेे हैं वह असेम्बलर (Assembler) कहलाते हैं

कम्‍पाइलर (Compiler)

कम्पाइलर (compiler) वो प्रोग्राम होता है जो किसी उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा (High Level Programming language) में लिखे प्रोग्राम को किसी मशीनी भाषा में बदल देता है।

इंटरप्रेटर (Interpreter)

इंटरप्रेटर ( Interpreter ) भी कम्पाइलर (Compiler) की तरह उच्‍च स्‍तरीय भाषा काे मशीनी भाषा में ट्रांसलेट करने का काम करता है, लेकिन  इंटरप्रेटर ( Interpreter ) लाइन बाई लाइन किसी प्रोग्राम को मशीनी भाषा में  अनुवाद करता है

कंप्‍यूटर हार्डवेयर क्‍या होता है - What is Computer Hardware

जैसा कि आप जानते हैं कंप्यूटर एक मशीन है और कंप्यूटर के यही मशीनरी पार्ट्स कंप्यूटर का हार्डवेयर कहलाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि अकेला हार्डवेयर की सभी काम कर सकता है कंप्यूटर का दूसरा हिस्सा सॉफ्टवेयर भी है सॉफ्टवेयर की सहायता से ही कंप्यूटर के हार्डवेयर को निर्देश दिए जाते हैं और निर्देशों को फॉलो करते हुए हार्डवेयर सभी काम करता है

मान लीजिए आपको कोई गाना सुनना है तो आप कंप्यूटर के किसी मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर से कोई गाना प्ले करेंगे लेकिन सुनने आपको स्पीकर की आवश्यकता होगी बिना स्पीकर की बिना स्पीकर के आप गाना नहीं सुन सकते हैं इसी प्रकार केवल स्पीकर के होने से ही आप गाना नहीं सुन सकते हैं आपके कंप्यूटर में मल्टीमीडिया एप्लीकेशन होना आवश्यक है किसी गाने को सुनने के लिए अगर आपके कंप्यूटर मल्टीमीडिया एप्लीकेशन नहीं है तो आप कंप्यूटर से कोई गाना प्ले भी नहीं कर सकते हैं अगर देखा जाए तो सॉफ्टवेयर कंप्यूटर की आत्मा है और हार्डवेयर उसका शरीर है दोनों का होना परम आवश्यक है किसी भी काम को करने के लिए


कंप्यूटर के साथ हार्डवेयर के रूप में जुड़े हुए सभी से महत्वपूर्ण होते हैं और अपना अलग-अलग काम करते हैं जैसे कीबोर्ड इनपुट लेता है और प्रिंटर आपको आउटपुट देता है

कम्प्यूटर के निम्‍न महत्वपूर्ण भाग होते है:-
•    मोनीटर या एल.सी.डी.
•    की-बोर्ड
•    माऊस
•    सी.पी.यू.
•    यू.पी.एस

मोनीटर या एल सी डी:- इसका प्रोयोग कम्प्यूटर के सभी प्रेाग्राम्स का डिस्‍प्ले दिखाता है। यह एक आउटपुट डिवाइस है।
की-बोर्ड :- इसका प्रयोग कम्प्यूटर मे टाइपिंग लिए किया जाता है, यह एक इनपुट डिवाइस है हम केवल की-बोर्ड के माध्यम से भी कम्‍प्‍यूटर को आपरेट कर सकते है।
माऊस :- माऊस कम्प्यूटर के प्रयोग को सरल बनाता है यह एक तरीके से रिमोट डिवाइस होती है और साथ ही इनपुट डिवाइस होती है।
सी. पी. यू.(सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट):- यह कम्प्यूटर का महत्वपूर्ण भाग होता है हमारा सारा डाटा सेव रहता है कम्प्यूटर के सभी भाग सी. पी. यू. से जुडे रहते है। सीपीयू के अन्‍दरूनी भागों के बारे में जानें क्लिक करें।
यू.पी.एस.(अनिट्रप पावर सप्लार्इ):- यह हार्डवेअर या मशीन कम्प्यूटर बिजली जाने पर सीधे बन्द होने से रोकती है जिससे हमारा सारा डाटा सुरक्षित रहता है।
यह सारे हार्डवेयर दो भागों में बॅटे रहता है-
आउटपुट डिवाइस
इनपुट डिवाइस

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